क्या सच में मोदी सरकार सांसदों को मजदूर बनाना चाहती है
क्या सच में मोदी सरकार सांसदों को मजदूर बनाना चाहती है

क्या सच में मोदी सरकार सांसदों को मजदूर बनाना चाहती है ? जानने के लिए पढ़ें

समाजवादी पार्टी के सांसद नेता नरेश अग्रवाल ने मोदी सरकार पर आरोप लगाएं है, तथा साथ ही साथ विरोध भी दर्ज कराया है, की मोदी सरकार सांसदों से संसद में बंधुआ मजदूरों की तरह काम करवा रही है। मोदी सरकार सभी सांसदों को रात के 10 बजे तक, विधेयकों पर चर्चा करने तथा उन्हें पास करवाने के लिए रोके रखती है,  ये जोर जबरदस्ती बंधुआ मजदूरी नहीं तो और क्या है।

दोस्तों अब हमें ये समझ में नहीं आता, की इन विपक्षी दलों के नेता, देश को क्या दिखाना चाहते है। पप्पू गाँधी, तो इस तरह की बातों के लिए, पहले से प्रसिद्ध है ही और अब ये नरेश अग्रवाल

विपक्ष हर रोज संसद का सत्र शुरू होते ही किसी न किसी घटना, किस्से या बात की आड़ लेकर, काम रोकने की कोशिश करता ही करता है और अब ऊपर ये आरोप भी लगता है।
ऐसे नेताओं को हम, ये भी नहीं कह सकते की शर्म आनी चाहिए इन लोगों को , क्योंकि शर्म तो ये अपने घर खुट्टी पर टांग कार आतें है।
हमारे देश के प्रधानमंत्री एक दिन की छुट्टी भी नहीं लेते , विदेश जातें है तब भी हवाईजहाज में सोते है, और अपना पेपर वर्क पूरा करते है और बाकि दिन के काम दिन में, और इधर ये विपक्षी दल वाले?
जिस काम के लिए जनता ने इन्हें चुन कर संसद में भेजा है, वो तो करते नहीं। इनको जनता ने, अपना काम करवाने के लिए, अपने प्रतिनिधि के रूप में चुन कर भेजा है, नाकी राजा बना कर।

“अगर जनता के हित के कार्य करने से बंधुआ मजदूरी करने का अहसास होता है इन्हें अपना त्याग पत्र देकर राजनीति छोड़ देनी चाहिए। क्योकि नेता वही होता है जो सारी जनता का एक समान रूप से कार्य करने के लिए 24 घंटे तैयार रहना।”gandhikachashma