कश्मीर की राह पर हरियाणा

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HARIYAN KE BHAKT
HARIYAN KE BHAKT

हरियाणा में हुई हिंसा

sitting chief minster of haryana mr khattar
haryana chief minister shri manohar lal khattar

बाबा राम रहीम पर हुई हिंसा में 30 से ज्यादा लोग मारे गए और सैंकड़ों घायल हो गए है। मीडिया ने बार बार हरियाणा की खट्टर सरकार को फेल ठहराया। जैसे की इससे पहले हरियाणा शांत राज्य  रहा हो, हाँ ये बात जरूर है की मनोहर लाल खट्टर पर राज्य की जनता बहुत ही मेहरबान है , क्योंकि उनके तीन साल के कार्यकाल में यह तीसरी बड़ी हिंसा की घटना है पहली धर्म गुरु रामपाल दास की गुंडागर्दी फिर हरियाणा का उग्र जाट आंदोलन और अब बाबा राम रहीम के समर्थकों की गुंडागर्दी। फिर भी, मैं आपको बताता हूँ की सबसे कम उपद्रव राम रहीम प्रकरण में हुआ है।

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हरियाणा और धर्म

हरियाणा में हिंसा का प्रमुख कारण यहां की लोगों की धार्मिक प्रवृत्ति है। हरियाणा कभी आर्य समाज का गढ़ कहा जाता था। आर्य समाज के समर्थन बिना यहां सरकार बनाना असंभव था। समय बदला आर्य समाज में फुट पड़ गई, स्वामी अग्निवेश इस राज्य से लोकसभा सदस्य रह चुके है। आज इस क्षेत्र में आर्य समाज की स्थिति हासिये पर है। इसी बीच दुसरे बाबाओं की संख्या यहां जोरों से बढ़ने लगी।

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हरियाणा का भक्त

Ex haryana chief minister om prakash chotala sitting on a chair
om prakash chotala have a big blind fan club

हरियाणा का व्यक्ति बहुत ही भक्त स्वभाव का है। फिर चाहे वह हूडा – चौटाला के भक्त हो या फिर किसी बाबा के। हरियाणा का आदमी जहां अपनी श्रद्धा लगा देता है  फिर उसके लिए वह हमेशा तैयार रहता है।  यहां तक की मर मिटने के लिए भी तैयार रहता है वो ना किसी से रता है और ना फिर किसी भी बात की चिंता  करता है। क्योकि हरियाणा का एक बड़ा भाग उग्र क्षेत्र है। यहां क्षत्रिय व्यक्तियों के संख्या सबसे ज्यादा है या कहें तो वो बहुमत में हैं। हरियाणा तथा भारतीय सेना में भी जाट रेजिमेंटहरियाणा के लोगों की बहुत सी गाथाएँ आपको सुनने के लिए मील जायेगी। आज भी यह क्षेत्र भारतीय सेनाओं में सबसे ज्यादा जवान देने वाला क्षेत्र है।

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हरियाणा का जाट आंदोलन

पिछले वर्ष हुए इस जाट आंदोलन में जान माल का बहुत ही बड़ा नुक्सान हुआ था।, इस आंदोलन में हिंसा फैलने से यह आंदोलन जाट बनाम गैर जाट हो गया था। हिंसा , तोड़ -फोड़, लूटपाट और पुलिस गोलीबारी में बहुत सा नुकसान हुआ, यह हिंसक आंदोलन सेना के दखल से जाकर ही शांत हो पाया। क्योंकि ज्यादातर हरियाणा ग्रामीण क्षेत्र है व ज्यादातर व्यक्ति किसान है। इसलिए यहां के आदमियों को बहकाना सबसे सरल है।

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हरियाणा और जाट

सबसे रोचक बात यह है की पिछले तीन साल में तीन बड़ी हिंसक घटनाएं हुई और इन सभी घटनाओं में जाटों का हिस्सा बड़ा महत्वपूर्ण है, जाट एक क्षेत्रीय कोम है इसलिए यहां के लोग मरने मारने से डरते नहीं। इसका सबसे बड़ा उदहारण, 1971 युद्ध के बाद पाकिस्तान के जनरल ने कहा था। वे जाटो के साथ एक बार जंग के मैदान में आमने सामने हुए थे, जिसमें जाटों में अपने से कई गुना संख्या में अधिक सेना को भी परास्त करने का सामर्थ्य था। घर की मुर्गी दाल बराबर है, वे क्या जाने जाट क्या हैं क्योंकि युद्ध में जाटों का सामना तो हमें करना पड़ता है, उनको नहीं।

इन तीनों घटनाओं में तभी नियंत्रण पाया गया जब भारतीय सेना को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा।

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हरियाणा का हिंसक इतिहास

हरियाणा का धर्म से पुराना नाता है। हरियाणा में मशहूर संत हरिदास जी , के चाहने वाले चारों तरफ हैं। हरियाणा का व्यक्ति अभी हिंसक नहीं बना हैपानीपत का तीसरा युद्ध जीत कर वापिस जा रहे अहमद शाह अब्दाली को जाटों ने ही वापस लूटा और पीटा था, जाट हजारों वर्षों से देश की रक्षा बार- बार अपनी जान पर खेल कर करता आ रहा है। हरियाणा की हर प्रदेश सरकार में बहुत बड़े हिंसक गतिरोधों का इतिहास रहा है।

कड़वी सच्चाई

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